स्वाइन फ्लू पर सरकार और संपादकों की बैठक

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न्यूज़ चैनलों और अख़बारों के संपादकों के साथ केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री गुलाम नबी आज़ाद और सूचना एंव प्रसारण मंत्री अंबिका सोनी ने बैठक की। बैठक में सरकार ने स्वाइन फ्लू की रोकथाम के लिए उठाए जा रहे कदमों का ब्योरा दिया। साथ ही ये भी बताया कि इस बीमारी से लड़ने के लिए नए दिशानिर्देश अगले एक-दो दिन में जारी कर दिए जाएंगे। Read more

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हिंदुस्तान और नई दुनिया का “सरकार राग”

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उधार - टीओआई

उधार - टीओआई

शनिवार को “हिंदुस्तान” पर नज़र डालने से लगा कि “स्वाइन फ्लू” का असर ख़त्म हो गया है। स्वाइन फ्लू ने भारत से पलायन कर लिया है। क्योंकि हिंदी-अंग्रेजी के तमाम अख़बारों में “अकेला” हिंदुस्तान ही एक ऐसा अख़बार था जिसके “फ्रंट पेज” पर से स्वाइन फ्लू की ख़बर “गायब” थी। “दैनिक जागरण” ने स्वाइन फ्लू को पहली ख़बर के तौर पर पेश किया। “दैनिक भास्कर” की पहली ख़बर बीजेपी में वसुंधरा की बगावत रही। और दूसरी ख़बर प्रतिभा पाटिल का भाषण रहा। जिसमें उन्होंने देशवासियों से स्वाइन फ्लू और सूखे से निपटने के लिए सरकारी प्रयासों में सहयोग की अपील की। भास्कर में तीसरी ख़बर के तौर पर स्वाइन फ्लू है। हालांकि इन दिनों सरकार राग में “नई दुनिया” भी सराबोर है। लेकिन उसने भी स्वाइन फ्लू को पहले पन्ने पर जगह दी है। बस हिंदुस्तान ही इकलौता अख़बार है जिसके पहले पन्ने पर स्वाइन फ्लू की कोई गंभीर ख़बर नहीं है। बहुत छोटे में ये जरूर मिलेगा कि मुंबई में गोविंदा की टोलियों ने एहतियात के साथ मटकियां फोड़ीं। मास्क पहन कर। बाकी ख़बरों में सरकारी घोषणाओं और सदइच्छा के अलावा कुछ नहीं झलकता। मतलब आज़ादी का सरकारी गान जारी है। Read more

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अपराधी सरकार, आरोपी मीडिया

August 15, 2009 by Samrendra  
Filed under पहरेदार

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स्वाइन फ्लू पर सरकार ने न्यूज़ चैनलों को हिदायत दी है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने कहा है कि मीडिया संस्थान डर नहीं फैलाएं। सरकार ने कहा है कि हालात काबू में हैं। अब तक … “सिर्फ़ 24 लोग मारे गए हैं। ज़्यादातर पुणे से। घबराने की बात नहीं। मीडिया भी लोगों को डराए नहीं।”

ठीक ही है मीडिया को किसी भी सूरत में लोगों को डराना नहीं चाहिए। स्वाइन फ्लू हो या फिर कोई और मुद्दा। लोगों को डराने से बात नहीं बनती बल्कि उन्हें जागरूक बनाना चाहिए ताकि सामने खड़ी चुनौती का सामना किया जा सके। लेकिन यहां तो डर का माहौल अकेले मीडिया नहीं बना रहा। खुद सरकार और उसके मंत्री भी लोगों को डराने में जुटे हैं। Read more

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स्वाइन फ्लू से कैसे करें बचाव?

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आखिर क्या है स्वाइन फ्लू?

स्वाइन का हिंदी मतलब है सूअर। स्वाइन प्लू सूअर से फैलने वाली बीमारी है। इसमें सर्दी-जुकाम होता है और तेज बुखार भी। ये बीमारी बहुत तेजी से फैलती है। इसका वायरस हवा में तैरता है और इंसान से इंसान में फैलता चला जाता है। इस बार स्वाइन फ्लू नए इन्फ्लुएंजा वायरस ए/एच1एन1 से फैल रहा है। इसका पहला केस 17 मार्च 2009 को मैक्सिको में सामने आया था। उसके बाद इसने अमेरिका में पैर पसारे। 17 अप्रैल 2009 को अमेरिका के दक्षिणी कैलिफोर्निया में दो बच्चे इसकी चपेट में आए। उनमें से कोई भी किसी जानवर के संपर्क में नहीं आया था। 17 मार्च से 25 अप्रैल के भीतर मैक्सिको और अमेरिका के कई इलाकों में इस वायरस ने लोगों को अपनी चपेट में ले लिया। Read more

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स्वाइन फ्लू से सरकार के बचाव में जुटा “हिंदुस्तान”

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हिंदुस्तान में हर रोज फ्रंट पेज पर दो टूक छपता है। पहले पन्ने पर संपादकीय देने का ये तरीका हिंदुस्तान ने शुरू किया है। कई बार उसमें बहुत ही बेतुकी बातें लिखी होती हैं। बिना सिर पैर की बातें। उनका सिर्फ़ एक ही मक़सद होता है कि किसी भी तरह से सरकार का बचाव किया जाए। मेट्रो हादसा हो, एनसीआर में बढ़ते अपराध हों या फिर कोई ऐसा मामला जिसमें सरकार घिरती नज़र आती है तो दो टूक में उसका समर्थन किया जाता है।

अभी स्वाइन फ्लू पर सरकार घिरी है। स्वास्थ्य मंत्री गुलाम नबी आज़ाद बेतुके बयानों से उसकी फजीहत हो रही है। हिंदुस्तान को भी चाहिए कि उसके लिए सरकार को आड़े हाथों ले, लेकिन हिंदुस्तान में जनहित की पत्रकारिता को ताक पर रख कर सरकार का बचाव किया जा रहा है। आगे बढ़ने से पहले आप दो दिन के दो टूक पढ़िए। Read more

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