“हिंदुस्तान” का अंधविश्वास

“हिंदुस्तान” अंधविश्वास की गिरफ़्त में है और उसमें आए दिन कई ऐसी ख़बरें छपती हैं जिनसे अंधविश्वास को बढ़ावा मिलता है। श्रीलंका के गृहयुद्ध के दौरान सबने देखा कि किस तरह वहां हेडलाइन दी गई श्रीलंका में एक और लंका कांड। बिना सोचे-समझे प्रभाकरण की तुलना रावण से की गई और लगा कि श्रीलंकाई राष्ट्रपति राम से कम नहीं।

अब आप वहां छपी एक और ख़बर पर नज़र डालिए। इसे 12वें पन्ने पर बड़ी प्राथमिकता से छापा गया है। पढ़ते वक़्त ये भी ध्यान रखिएगा कि ये कोई गोपनीय ख़बर नहीं है। फिर भी इसमें आपको किसी सूत्र का नाम नहीं मिलेगा। एक जगह पर लिखा गया है कि रक्षा वैज्ञानिकों ने पाया है और बताया है लेकिन वो रक्षा वैज्ञानिक कौन हैं इसका कोई जिक्र नहीं। योग की बात तो ठीक है। लेकिन पाठकों को ये भी तो पता चलना चाहिए कि किस महान शख़्स की सिफारिश पर सेना ने धरम-करम का सहारा लिया है और हवन कीर्तन कराना शुरू कर दिया है। Read more

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