Special from Berlin: ज़िंदगी के इस उत्सव में आप शामिल हों

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बर्लिन शहर के केंद्र में ऐतिहासिक ब्रैंडनबुर्ग गेट से कुछ दूर ही स्थित है शानदार पोट्सडामर प्लाट्ज़. शहर के मुख्य चौराहों में से एक. इसी के आस पास बसा है बर्लिनाले का फ़िल्म गांव. भव्य बर्लिनाले प्लास्ट, बेबीलोन, एड्रिया, सिने स्टार, कोलोसियम, सिनेमैक्स सहित कई अन्य सिनेमाघर. सिनेमैक्स मल्टीप्लैक्स में तो 19 सिनेमा स्क्रीन हैं. यहीं पर अलग अलग देशों की फ़िल्में दिखाई जा रही हैं.

भीड़ से भरे इस इलाक़े में सड़क के दोनों ओर अच्छी ख़ासी बर्फ़ जमी है. कई दिनों से पारा शून्य से नीचे ही लुढ़का हुआ है. बर्फ़ की मोटी परत मिट्टी के साथ घुल कर काली हो गई है. तेज़ क़दमों से चलते हुए लोगों को कई बार फिसलते देखा. लेकिन जल्द ही वे संभल कर आगे बढ़ गए. रूकने का समय ही किसके पास है. एक हलचल, कौतुहूल है, ऐसा माहौल है मानो ठहरना नियमों के ख़िलाफ़ हो. Read more

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किससे और क्यों इंसाफ़ मांगू मैं?

मैं सतीश शेट्टी हूं. मेरी हत्या हुए कुछ दिन बीत गए हैं. पुलिस जांच चल रही है, सीबीआई जांच की मांग भी उठ रही है. कुछ लोग पकड़े भी गए हैं, शायद जल्द ही मेरी हत्या की ‘नई थ्योरी’ भी सामने आ जाए. पर मैं अब इन सब पचड़ों से दूर जा चुका हूं.

ऊपर जा कर थोड़ा तनावमुक्त भी महसूस कर रहा हूं. लंबे समय से एक मुहिम लड़ रहा था. ज़मीन घोटालों, भ्रष्टाचार, नौकरशाही, सत्ता और दलालों के बीच के संबधों को उजागर करने के लिए आरटीआई एक्ट को औजार बना कर संघर्ष कर रहा था. Read more

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