“आपसे आग्रह है कि ये बहस यहीं बंद कर दें”

दैनिक जागरण के वरिष्ठ फोटोग्राफर अजीत कुमार ने जनतंत्र को एक चिट्ठी भेजी है। इस चिट्ठी में भोले शंकर की तरह उन्होंने विष का प्याला पीते हुए कबूल किया है कि प्रकाश कुमार का फोटो उन्होंने ही जानबूझ कर ब्लर किया था और इसके लिए दैनिक जागरण के संपादक शैलेंद्र दीक्षित और ब्यूरो चीफ सुभाष पांडे को दोष देना सही नहीं है। उन्होंने ऐसा क्यों किया, इसके पीछे उनके अपने तर्क हैं। उन तर्कों से आप सहमत हो सकते हैं और असहमत भी। लेकिन हम उनके इस साहस का सम्मान करते हुए दैनिक जागरण के फोटो प्रकरण पर चली बहस को यहीं रोकना चाहते हैं। वैसे भी इस बहस में अब कुछ बचा नहीं है। बातचीत मुद्दे से भटक कर निजी आरोप-प्रत्यारोप की तरफ मुड़ चुकी है। इसलिए हम अजीत कुमार की इस स्वीकारोक्ति को आपने सामने रख रहे हैं… इस उम्मीद में कि आप भी इस बहस को यहीं ख़त्म समझेंगे और मामले को ज़्यादा तूल नहीं देंगे। Read more

  • Share/Save/Bookmark

चुप्पी टूटेगी और टूटेंगे मीडिया के सभी मठ

किसी भी अख़बार को उठाइए और तमाम ख़बरों को पढ़िए। संपादकीय पृष्ठ पर मौजूद लेखों को भी पढ़िए। आप पाएंगे कि अख़बारों में आमतौर पर किसी शख़्स की आलोचना होती और किसी की तारीफ़। वो शख़्स कोई भी हो सकता है। मंत्री, नेता, अधिकारी, अभिनेता या फिर कारोबारी… कोई भी हो सकता है। आलोचना सभी की होती है। सवाल सभी पर खड़े किए जाते हैं। किसी न किसी मुद्दे पर और किसी न किसी वक़्त पर। यहां सवाल उठता है कि आखिर दूसरों की आलोचना करने वाले पत्रकारों का खुद की आलोचना को लेकर क्या रवैया रहता है? Read more

  • Share/Save/Bookmark

ये संपादक तो बड़ा ख़तरनाक है

जागरण में छपी तस्वीर

जागरण में छपी तस्वीर

क्या किसी पत्रकार को ये हक़ है कि वो निजी खुन्नस निकालने में अपने संस्थान का इस्तेमाल करे? इस सवाल का सीधा जवाब है – नहीं। किसी भी पत्रकार को ऐसा नहीं करना चाहिए और ना ही उसे ये हक़ दिया जाना चाहिए। इसी सिलसिले में दिल्ली के एक मीडिया संस्थान का एक वाकया ध्यान आ रहा है। वहां के एक कर्मचारी ने किसी इंस्टीट्यूट को डराने के लिए संस्थान का बेजा इस्तेमाल कर दिया था। इंस्टीट्यूट की तरफ से शिकायत मिलने पर उस कर्मचारी को नौकरी छोड़नी पड़ी। लेकिन आप हर कंपनी से ऐसी आचार संहिता की उम्मीद नहीं कर सकते। खासकर जब वो कंपनी अपने कर्मचारियों का इस्तेमाल अनैतिक तरीके से धन जुटाने में करती हो। Read more

  • Share/Save/Bookmark

“ट्रस्ट नहीं बनने दिया, इसलिए निशाने पर हूं”

बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के चेंबर में जो कुछ भी हुआ उस पर वरिष्ठ पत्रकार प्रकाश कुमार अफसोस जाहिर कर चुके हैं। कन्हैया भेलारी भी उस घटना को शर्मनाक बता रहे हैं। वो मानते हैं कि उन्हें ऐसा कुछ नहीं कहना चाहिए था जिससे प्रकाश कुमार के सम्मान को ठेस पहुंची। लेकिन उनका ये भी कहना है कि प्रकाश को उनका मजाक पसंद नहीं आया तो वो शब्दों के जरिए विरोध जता सकते थे। जनतंत्र से वरिष्ठ पत्रकार कन्हैया भेलारी की बातचीत।

Read more

  • Share/Save/Bookmark

“मुझे इसका हमेशा अफ़सोस रहेगा”

प्रकाश कुमार

प्रकाश कुमार


बिहार में वरिष्ठ पत्रकार प्रकाश कुमार आरोपों के घेरे में हैं। प्रकाश और एक साथी पत्रकार कन्हैया भेलारी पर विधानसभा में मुख्यमंत्री के चेंबर में मारपीट का आरोप है। प्रकाश कुमार के मुताबिक ग़लती उनकी नहीं थी। जनतंत्र से हुई बातचीत में प्रकाश कुमार ने कहा कि झगड़ा उन्होंने नहीं बल्कि कन्हैया भेलारी ने शुरू किया। उनके मुताबिक मुख्यमंत्री के चेंबर में जो कुछ भी हुआ वो गलत था और उन्हें हमेशा इसका अफ़सोस रहेगा। प्रकाश कुमार से जनतंत्र की बातचीत। Read more

  • Share/Save/Bookmark

“हम पत्रकारों का सिर शर्म से झुका जा रहा है”

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के दफ़्तर में पत्रकारों के बीच मारपीट से वहां का मीडिया जगत हैरान है। सब इसे बहुत दुखद और शर्मनाक बता रहे हैं। वरिष्ठ पत्रकारों के मुताबिक इससे पत्रकारिता का दामन दाग़दार हुआ है और इसकी हर किसी को खुल कर निंदा करनी चाहिए। ये इसलिए भी जरूरी है ताकि आगे से ऐसी कोई हरकत नहीं हो। जनतंत्र ने इस बारे में बिहार के कई प्रतिष्ठित पत्रकारों से बात की।
Read more

  • Share/Save/Bookmark

मुख्यमंत्री के चेंबर में भिड़े पत्रकार

बिहार की राजधानी पटना में पत्रकार मुख्यमंत्री के चेंबर में भिड़ गए। वाकया आज दोपहर का है। लेकिन इस झगड़े की जड़ में आज सुबह दैनिक जागरण के पटना एडिशन में छपी एक तस्वीर है। नीतीश और जॉर्ज फर्नांडिस के पीछे स्टार न्यूज के पत्रकार प्रकाश कुमार भी मौजूद थे। लेकिन तस्वीर में उनका चेहरा ब्लर कर दिया गया था। सूत्रों के मुताबिक प्रेस क्लब को लेकर दैनिक जागरण के पत्रकारों से उनका झगड़ा हो चुका था। खुन्नस में दैनिक जागरण के उन पत्रकारों ने प्रकाश कुमार से बदला इस ओछे तरीके से लिया। Read more

  • Share/Save/Bookmark