“सविता भाभी” की तरह इन पर भी लगे प्रतिबंध

सविता भाभी। जी हां… हाल ही में सविता भाभी पर प्रतिबंध लगा दिया गया। ये एक पोर्न कार्टून साइट है, जिसके चरित्र का नाम है सविता भाभी। कुछ ही दिन में ये वेबसाइट भारत में काफी लोकप्रिय हो गई थी। इतनी कि दुनिया के सबसे अधिक “नैतिक राष्ट्र” में नैतिकता का सवाल उठ खड़ा हुआ। इंटरनेट पर ऐसी हज़ारों पोर्न वेबसाइट भारत में धड़ल्ले से खुलती हैं। साइबर कैफे में लोग घंटों ऐसी वेबसाइटों पर चिपके रहते हैं। लेकिन नैतिकता का सवाल सिर्फ़ और सिर्फ़ सविता भाभी नाम की साइट पर उठा। सरकार भी तुरंत हरकत में आई और उसने इस पर प्रतिबंध लगा दिया। अब ये साइट भारत में नहीं खुलती है। Read more

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अगर वेब मीडिया भविष्य है तो ये और ख़ौफ़नाक है

भविष्य की पत्रकारिता का माध्यम क्या होगा? अख़बार, टेलीविजन या फिर इंटरनेट। भारतीय संदर्भ में फिलहाल यह कहा जा सकता है कि अगले 40-50 साल तक तो ये तीनों ही माध्यम बने रहेंगे। बस अंतर इतना आएगा कि कुछ साल बाद अख़बारों का फैलाव कम होगा और इंटरनेट की पहुंच में विस्तार होगा। पहली दुनिया के कुछ देशों में ऐसा होने लगा है और तीसरी दुनिया के देशों में भी ऐसा ही कुछ होगा। फिर वो वक़्त भी आएगा जब इंटरनेट पत्रकारिता का सबसे ताक़तर माध्यम होगा। ये करीब-करीब तय है। इसमें वक़्त भले ही लग जाए, लेकिन इस बदलाव को रोका नहीं जा सकता। Read more

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नवभारत टाइम्स को तगड़ा झटका

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मधुसूदन आनंद का इस्तीफ़ा


मधुसूदन आनंद ने नवभारत टाइम्स के को-एक्जीक्यूटिव एडिटर के पद से इस्तीफा दे दिया है। वो बीते कुछ समय से अपने अधिकारों में कटौती को लेकर थोड़ा दुखी थे। सूत्रों के मुताबिक मधुसूदन जल्दी ही किसी दूसरे मीडिया संस्थान में शामिल होंगे। वो मीडिया संस्थान कौन सा है और मधुसूदन किस पद पर जा रहे हैं अभी ये खुलासा नहीं हुआ है।

नवभारत टाइम्स में मधुसूदन आनंद बीते डेढ़ दशक से सक्रिय भूमिका निभा रहे थे। लेकिन बीते एक साल में अपने अधिकारों में कटौती को लेकर थोड़ा खिन्न चल रहे थे। करीब बारह साल पहले सूर्यकांत बाली के जाने के बाद से नवभारत टाइम्स को दो स्तंभ रहे हैं। Read more

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