कालाबाज़ारी से पर्दा उठाने पर टेलीविजन चैनल पर हमला

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जम्मू कश्मीर के एक स्थानीय चैनल के दफ़्तर पर हमला हुआ है। इस चैनल का नाम है वादी टेलीविजन। इसने एक दिन पहले खाद्य आपूर्ति विभाग, एफसीआई और कारोबारियों की मिलीभगत से हो रही धांधली से पर्दा उठाया था। जिसमें खुलासा किया था कि किस तरह राज्य में राशन के अनाज की कालाबाजारी हो रही है। गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले अनाज के लिए तरस रहे हैं और वही अनाज दुकानों में ऊंचे दाम पर बेचा जा रहा है। चैनल के इस खुलासे के बाद इस गोरखधंधे में शामिल ताक़तवर लोग भड़क उठे। चैनल के एक्जीक्यूटिव एडिटर निसार अहमद के मुताबिक आज करीब 100-150 लोगों ने श्रीनगर में मौजूद चैनल के दफ़्तर पर हमला बोल दिया।

हमलावरो ने जो कुछ भी सामने नज़र आया उसे तोड़ दिया। कैमरे, कंप्यूटर, एडिटिंग मशीनें तोड़ दी गईं। हमलावरों ने चैनल के कर्मचारियों से भी मारपीट की। एक महिला कर्मचारी को भी पीटा गया। हमलावरों के हौसलों का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उन्होंने चैनल के बाहर तैनात तीन पुलिसवालों को भी नहीं छोड़ा। उनके साथ भी मारपीट की गई। गनीमत यही रहा कि किसी को गंभीर चोटें नहीं आईं।

इस हमले के लिए अब्दुल मजीद जान नाम के शख़्स को जिम्मेदार ठहाराया जा रहा है। निसार अहमद के मुताबिक अब्दुल मजीद की अगुवाई में ही ये हमला हुआ है। इस मामले में एफ़आईआर दर्ज हो गई है। पुलिस ने जांच और कार्रवाई का भरोसा दिया है।

वादी टेलीविजन पर हमले के बाद की कुछ तस्वीरें

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बेरहम सरकार, जंगली विपक्ष

सलीके से सिर ढंकने वाली महबूबा मुफ्ती को संसदीय सलीका नहीं आता। अगर आता तो जम्मू कश्मीर विधानसभा में सोमवार को जो कुछ हुआ, वह नहीं होता। महबूबा इस कदर आपा नहीं खोतीं कि स्पीकर की गरिमा का भी उन्हें खयाल नहीं रहता। वह युवा हैं लेकिन घाटी की एक वरिष्ठ नेता हैं। उनका व्यवहार उनकी पार्टी और प्रदेश की संसदीय राजनीति के लिए एक अनुकरण होना चाहिए, ना कि ऐसा जिसे देखकर किसी भी संजीदा व्यक्ति का मस्तक शर्म से झुक जाए। स्पीकर का माइक खींचना विरोध प्रदर्शन का सौम्य तरीका नहीं हो सकता, जबकि संसदीय परंपरा तो बहुत हद तक मर्यादा और लोक-लाज की पगडंडी से होकर ही गुजरती है। Read more

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जम्मू कश्मीर में पत्रकारों को धमकी

July 12, 2009 by Samrendra  
Filed under बड़ी ख़बर, हक़ की आवाज़

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जम्मू-कश्मीर में पुलिस पत्रकारों को डराने धमकाने में जुटी है। फिलहाल उसके निशाने पर हैं एनडीटीवी के फयाज बुखारी और सीएनएस न्यूज़ के रशीद राही। पुलिस की धमकी के ख़िलाफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स ने मिल कर एक बयान जारी किया है। बयान के मुताबिक फयाज बुखारी को किसी और ने नहीं बल्कि खुद डीजीपी कुलदीप खोड़ा ने धमकी दी है। Read more

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एक-दूसरे की हत्या करा रही है सरकार

अरुंधति रॉय से जनतंत्र की ख़ास बातचीत के पहले हिस्से में आपने मीडिया पर उनकी बेबाक राय पढ़ी। अब दूसरी और आखिरी किश्त … जिसमें मीडिया के साथ कुछ और बड़े मुद्दों पर चर्चा। इस बातचीत में अरुंधति ने कश्मीर के हालात पर… छत्तीसगढ़ में चल रहे नरसंहार पर… नंदीग्राम और सिंगूर की हिंसा पर… और भारत में चल रहे ब्रितानिया हुकूमत के औपनिवेशिक मॉडल पर खुल कर बात की। आप भी अरुंधति से हुए इस सवाल-जवाब को पढ़िये और अपनी राय रखिए। Read more

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