
उधार - असम टाइम्स
असम में पत्रकार पराग दास हत्याकांड के आरोपी को रिहा करने के ख़िलाफ़ मानवाधिकार संगठनों और पत्रकार संगठनों के बंद का व्यापक असर देखा गया। पत्रकार और मानवाधिकार कार्यकर्ता पराग दास की हत्या 13 साल पहले कर दी गई थी। मृदुल फूकन को उनकी हत्या का आरोपी बनाया गया था। लेकिन सेंशन्स कोर्ट ने अपने फ़ैसले में उसे बेकसूर ठहराते हुए बरी कर दिया। मानवाधिकार संगठनों में इस बात को लेकर काफी रोस है। उसी के ख़िलाफ़ उन्होंने बंद का एलान किया था।
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