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जनतंत्र डेस्क द्वारा लिखित आलेख:
भारत में फिर “अश्लील” फैशन टीवी पर रोक
,लेखक: जनतंत्र डेस्क | March 12, 2010 | मुद्दा | Leave a Comment
फैशन टीवी पर नौ दिन के लिए प्रतिबंध लगा दिया है। अश्लीलता फैलाने और नियमों के उल्लंघन के मामले में यह रोक लगाई गई है। सूचना और प्रसारण मंत्रालय के मुताबिक भारत में शुक्रवार सात बजे से लेकर 21 मार्च सात बजे तक चैनल का प्रसारण रुका रहेगा। चैनल पर बीते साल एक शो के दौरान अर्धनग्न (टॉपलेस) मॉडल्स दिखाई गई थीं।
सितंबर 2009 में पेश किए गए एक कार्यक्रम में फैशन टीवी ने नियमों का उल्लंघन किया। वह शो बच्चों के लिए सही नहीं था और महिलाओं के सम्मान को ठेस पहुंचाने वाला था। Read more
दलित छात्रों की आवाज़ नहीं सुनते हैं विभूति नारायण राय
,लेखक: जनतंत्र डेस्क | March 11, 2010 | हक़ की आवाज़ | 1 Comment
जनतंत्र के पास यह चिट्ठी अंबेडकर स्टूडेंट्स फोरम ने भेजी है। महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय के इस फोरम ने अपने इस ख़त में कुलपति विभूति नारायण राय के आरोपों का जवाब दिया है। जनतंत्र और मोहल्लालाइव से बातचीत में विभूति नारायण ने यह कहा था कि दलित छात्रों ने 6 दिसंबर की अपनी रैली का न्योता उन्हें नहीं दिया। कुलपति महोदय ने यह भी कहा कि दलित छात्रों की उस रैली में ब्राह्मणों को मां-बहन की गालियां दी गईं। उसी आरोप में उन्होंने यूनिवर्सिटी के एकमात्र दलित प्रोफेसर कारुण्यकारा को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया। वो भी एक बार नहीं बल्कि दो बार। अंबेडकर फोरम के मुताबिक जुलूस में शामिल होने का न्योता विभूति नारायण राय को भेजा गया था। यह भी की उस जुलूस में ब्राह्मणवाद के ख़िलाफ़ नारे लगे और किसी जाति विशेष को कोई गाली नहीं दी गई। – मॉडरेटर
महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय के कुलपति माननीय विभूति नारायण राय ने अपने इंटरव्यू में 06 दिसंबर को बाबा साहब डॉ. अम्बेडकर के महापरिनिर्वाण दिवस पर आयोजित जुलूस को लेकर कई बातें की हैं। चूंकि यह रैली अम्बेडकर स्टूडेन्ट्स फोरम (ए.एस.एफ.) ने आयोजित की थी, लिहाजा हम अपनी ओर से कुछ स्पष्टीकरण देना जरूरी समझते हैं। कुलपति जी ने अपने साक्षात्कार में ऐसी कई आधारहीन बातें की हैं जिससे हमें भारी निराशा हुई है। एक संस्था के सर्वोच्च पद पर बैठा कोई सम्माननीय व्यक्ति, जो स्वयं पुलिस का इतना बड़ा अधिकारी रहा है – ऐसी बातें कर सकता है, यह हमारे लिए अत्यंत दुखद है। Read more
ये तस्वीरें कहती हैं – नारी का दर्द एक है, खुशी भी एक
,लेखक: जनतंत्र डेस्क | March 10, 2010 | स्पेशल रिपोर्ट | 27 Comments
तस्वीरें बहुत कुछ कहती हैं। इतिहास की गवाही देती हैं। भविष्य की दिशा बताती हैं। खुशी, ग़म, बेबसी, घमंड … एक अच्छी तस्वीर बिना कुछ कहे बहुत कुछ सुना जाती है। आज टाइम्स ऑफ इंडिया और द हिंदू में महिला आरक्षण बिल से जुड़ी ऐसी ही तस्वीरें छपी हैं। द हिंदू की तस्वीर आर वी मूर्ति ने खींची है और टाइम्स ऑफ इंडिया की तस्वीर किस फोटो जर्नलिस्ट की है यह अख़बार में नहीं छपा है। नाम से तस्वीर की अहमियत पर फर्क नहीं पड़ता है, लेकिन उस फोटो पत्रकार का नाम होता तो अच्छा लगता। बहरहाल, भविष्य में हममें से जब भी कोई इन पर नज़र डालेगा तो अतीत तपाक से उसके सामने आकर खड़ा हो जाएगा। यह कहने के लिए हम और आप महिलाओं के हक़ में हुए इस बदलाव के गवाह रहे हैं। Read more
NBT-जागरण संतुलित, भास्कर-हिंदुस्तान हुड़दंग से नाराज़
,लेखक: जनतंत्र डेस्क | March 10, 2010 | पहरेदार | Leave a Comment
राज्यसभा में महिला आरक्षण बिल का पास होना एक ऐतिहासिक लम्हा है। हालांकि इस बिल की मंजिल अभी बहुत दूर है फिर भी इस लम्हे को भी ऐतिहासिक कहा जा सकता है। और जब भी इतिहास बनता है तो कहीं खुशी के साथ कहीं ग़म की गाढ़ी लकीर भी खिंचती है। इस बिल में दलितों, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों के लिए अलग से प्रावधान नहीं किया गया है और इससे देश के बहुसंख्य तबके में छले जाने का अहसास घर कर रहा है। इस अहसास को जल्द से जल्द दूर किया जाना चाहिए वरना महिला सशक्तिकरण की कोशिशें अधूरी रह जाएंगी। जनतंत्र पर इस मुद्दे पर बहस जारी रहेगी। आप भी अपनी राय देने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र हैं। साथ ही महिला आरक्षण बिल पर देश के बड़े अखबारों की क्या राय है – इस पर भी आप एक नज़र डालें। आपकी सहूलियत के लिए हमने कुछ चुनिंदा हिंदी अख़बारों के संपादकीय को सिलसिलेवार ढंग से इकट्ठा किया है। ताकि आप उन अख़बारों की नीति को अच्छे से समझ सकें। - मॉडरेटर Read more
बिहार में हिंदुस्तान का जलवा
,लेखक: जनतंत्र डेस्क | March 9, 2010 | पहरेदार | 2 Comments
रोशनी की झालर में नहाया दानापुर के शिवाला स्थित हिंदुस्तान का नया परिसर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और अन्य गणमान्य लोगों की मौजूदगी से गुलजार हो गया। सोमवार की शाम मुख्यमंत्री ने यहां आते ही बटन दबाकर नई प्रिंटिंग मशीन का उद्घाटन किया। इसके बाद धड़ाधड़ दौड़ने लगीं मशीनें और नए कलेवर व आकर्षक रंगों के साथ छपने लगा आपका प्रिय व शुभचिंतक अख़बार हिंदुस्तान।
यह अत्याधुनिक मशीन 42 हज़ार वर्गफीट इलाके में स्थापित की गई है। यूरोप में प्रयोग में आ रही अत्याधुनिक तकनीक वाली इन मशीनों को हिंदुस्तान के छह एकड़ के नए और विशाल परिसर में बैठाया गया है। यहां दो प्रिंटिंग मशीनें आई हैं जो 90 हज़ार कापी प्रति घंटे छापेंगी। बिहार के लिए हिंदुस्तान का यह योगदान है क्योंकि 100 करोड़ का निवेश करने वाली कुछ कंपनियों में हिंदुस्तान मीडिया वेंचर लिमिटेड (एचएमवीएल) भी शामिल है। हिंदुस्तान की नई मशीन अथ्याधुनिक और अपने आप में स्टेट ऑफ आर्ट है। यह बिहार की सबसे बड़ी प्रेस है। Read more
हिंदी यूनिवर्सिटी में यह अघोषित “कर्फ्यू” है
,लेखक: जनतंत्र डेस्क | March 9, 2010 | देश-दुनिया | 1 Comment
अंतरराष्ट्रीय हिन्दी विश्वविद्यालय में छात्रों पर हो रहा अत्याचार निरन्तर जारी है जिसका जिम्मेदार कौन है यह पूरे घटनाक्रम को समझने पर पता लगाया जा सकता है. आखिर एक बनते हुए विश्वविद्यालय में निरन्तर चल रही तानाशाही पर कौन लगाम लगायेगा.
मीडिया विभाग के एक छात्र अनिल को विश्वविद्यालय से निष्काशित करने के पीछे प्राक्टर मनोज कुमार और अनिल अंकित राय ने अपनी पूरी ताकत लगा दी. मनोज कुमार कथित तौर पर गांधीवादी कार्यकर्ता रहे हैं पर इनका गांधीवाद किस तरह का है, यह इस घटना और उनकी क्रूर कार्रवाई से समझा जा सकता है. Read more
अज्ञेय की याद में
,लेखक: जनतंत्र डेस्क | March 8, 2010 | पहरेदार | Leave a Comment
अज्ञेय की आवाज में उनके काव्य-पाठ के साथ रविवार को यहां अज्ञेय जन्मशती समारोहों की शुरुआत हुई। सात मार्च को अज्ञेय का सौवां साल शुरू हो गया है। लेखकों की ओर से पूरे साल देशभर में उनकी जन्मशती मनाने के लिए कई तरह के कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। Read more
ऑस्कर में कैथरीन बिगेलो का जलवा
,लेखक: जनतंत्र डेस्क | March 8, 2010 | देश-दुनिया | 1 Comment
कैथरीन बिगेलो ऑस्कर के इतिहास में बेस्ट डायरेक्टर का ख़िताब जीतने वाली पहली महिला बन गई हैं. जेम्स कैमरून की पूर्व पत्नी ने द हर्ट लॉकर से यह करिश्मा किया, जबकि कैमरून की बहुचर्चित फ़िल्म अवतार ऑस्कर में ढेर.
बिगेलो की फ़िल्म द हर्ट लॉकर एक कम बजट की फ़िल्म है, जिसने हाल के दिनों में बॉक्स ऑफ़िस पर दो करोड़ डॉलर की कमाई की है. उसे छह अकाडमी अवार्ड यानी ऑस्कर मिले, जबकि अवतार ने रिलीज़ होने के बाद से ढाई अरब डॉलर का कारोबार कर लिया है. Read more
मध्यस्थता से इनकार, स्वतंत्र प्रेक्षक बनने को तैयार हैं अरुंधती
,लेखक: जनतंत्र डेस्क | March 8, 2010 | देश-दुनिया | Leave a Comment
जानी-मानी लेखिका अरुंधती रॉय ने नक्सली संगठनों और सरकार के बीच बातचीत की मध्यस्थता से इनकार किया है। बीबीसी से बातचीत में अरुंधती रॉय ने कहा है कि मध्यस्थता के लिए जो हुनर चाहिए वो उनके पास नहीं हैं। वो मूलत: लेखिका हैं। लेकिन वो इस बातचीत में स्वतंत्र प्रेक्षक की भूमिका निभा सकती हैं।
दरअसल, माओवादी नेता कोटेश्वर राव ऊर्फ किशन जी ने बीबीसी से कहा था कि अगर अरुंधती रॉय, बीडी शर्मा और कबीर सुमन जैसे बुद्धिजीवी मध्यस्थता को तैयार हो जाएं, तो वो सीजफायर कर सकते हैं। इसके जवाब में अरुंधती रॉय ने कहा है कि सरकार को माओवादियों की पेशकश को गंभीरता से लेना चाहिए और दोनों पक्षों के बीच सीजफायर (लड़ाईबंदी) होना चाहिए। Read more
कतर में मैं बहुत खुश हूं – एमएफ हुसैन, एक पूर्व भारतीय
,लेखक: जनतंत्र डेस्क | March 3, 2010 | स्पेशल रिपोर्ट | 2 Comments
यह बयान मशहूर चित्रकार मकबूल फिदा हुसैन का है… जो चंद दिनों पहले तक भारतीय हुआ करते थे। उन्होंने यह बात मलयालम दैनिक “माध्यमम” के “दोहा संस्करण” से कही है। हुसैन ने कहा है कि वो भारत से बहुत प्यार करते हैं, लेकिन भारत को ही अब उनकी ज़रूरत नहीं है। एक नज़र एम एफ हुसैन की बातों पर – मॉडरेटर
“भारत मेरी जन्मभूमि है। मैं मातृभूमि से नफ़रत नहीं कर सकता। लेकिन भारत ने मुझे ठुकरा दिया है। फिर, मैं वहां क्यों रहूं?” Read more



