चोरों ने की थी सत्येंद्र दुबे की हत्या, तीन दोषी करार

लेखक: जनतंत्र डेस्क  |  March 22, 2010  |  हक़ की आवाज़   |   Comments Off

पटना की विशेष अदालत ने सत्येंद्र दुबे हत्याकांड में तीन आरोपियों को दोषी ठहराया है। इन तीनों के नाम हैं मंटू कुमार, उदय कुमार और पिंकू रविदास। अदालत के मुताबिक इन तीनों ने लूट के इरादे से सत्येंद्र दुबे को घेरा और प्रतिरोध करने पर हत्या कर दी। इन तीनों को 27 मार्च को सज़ा सुनाई जाएगी।

सत्येंद्र दुबे ने देश के सबसे प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग संस्थान आईआईटी से इंजीनियरिंग की और उसके बाद नेशनल हाइवे अथॉरिटी से जुड़े। जहां से उनकी पोस्टिंग स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना में की गई। तब केंद्र में बीजेपी की सरकार थी और यह तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का ड्रीम प्रोजेक्ट था। उसी में धांधली को बेनकाब करने के लिए सत्येंद्र दुबे ने प्रधानमंत्री को चिट्ठी लिखी थी। उसी के तुरंत बाद 27 नवंबर 2003 को गया में सत्येंद्र दुबे की गोली मार कर हत्या कर दी गई। उस वक़्त वो बनारस में एक शादी से शामिल होने के बाद लौट रहे थे।

सत्येंद्र दुबे के करीबी लोगों का कहना था कि भ्रष्ट अफ़सरों, नेताओं और ठेकेदारों ने मिलकर हत्या कराई है। मीडिया ने भी इस मुद्दे को काफी जोरशोर से उठाया। जिसके बाद जांच सीबीआई को सौंपी गई। जांच के दौरान गया के ही कटारी गांव से चार लोगों को हिरासत में लिया था। जिनमें से एक श्रणव कुमार गवाह बन गया और उसने अपराध कबूल लिया। अब अदालत में यह साबित हुआ है कि सत्येंद्र पर लूट के इरादे से मंटू, उदय, पिंकू और श्रवण ने हमला किया। विरोध करने पर मंटू ने उन्हें गोली मार दी।

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