भड़ास और विस्फोट के बाद अब समाचार4मीडिया
लेखक: जनतंत्र डेस्क | February 19, 2010 | पहरेदार | 1 Comment
मीडिया से जुड़ी ख़बरों के लिए सबसे प्रतिष्ठित वेबसाइट एक्सचेंज4मीडिया (ई4एम) का अब हिंदी संस्करण भी लॉन्च हो गया है। इस वेबसाइट का नाम है समाचार4मीडिया। अब यह वेबसाइट शुरुआती दौर में और इसमें बहुत कुछ करने की ज़रूरत है। लेकिन तब भी इस पर आपको मीडिया जगत की तमाम हलचलें और कुछ बड़ी ख़बरें पढ़ने को मिल सकती हैं।
ई4एम समूह के सीईओ अनुराग बत्रा का कहना है हिंदी मीडिया की ज़रूरतों को ध्यान में रखते हुए पाठकों, मीडिया संस्थानों और बाज़ार के बीच तालमेल बिठाने के लिए इसे लॉन्च किया गया है। जनतंत्र से बातचीत में उन्होंने कहा कि “हिंदी पत्रकारिता का दायरा काफी बढ़ गया है। इसके लिए एक हिंदी की साइट की जरूरत थी और हमने उस कमी को भरने की कोशिश की है। हमें लगता है कि अपनी कोशिश से अगर हम भाषाई मीडिया की बेहतरी में थोड़ा सा भी योगदान कर सकेंगे तो यह बड़ी बात होगी।”
अनुराग बत्रा ने यह भी कहा कि अपनी हिंदी वेबसाइट के जरिये उनकी कोशिश हिंदी मीडिया कम्युनिटी को जुटाने की होगी। अख़बार, पत्रिकाएं, टीवी चैनल, विज्ञापन एजेंसियां और कंपनियों को इकट्ठा लाने की कोशिश होगी। उन्होंने कहा कि “अगर आप देखें तो हिंदी अख़बारों का सर्कुलेशन अंग्रेजी मीडिया की तुलना में काफी ज़्यादा है। उसके पाठकों भी सम्पन्न हैं। लेकिन अब भी हिंदी अख़बारों को अंग्रेजी अख़बारों के मुकाबले कम विज्ञापन मिलता है। अगर हमारे प्रयासों से यह पैसा बढ़ेगा तो यह हमारा योगदान होगा।”
हिंदी के बाज़ार में खुद को स्थापित करने के लिए समाचार4मीडिया ने एक दिन पहले दिल्ली के इंडिया इस्लामिक सेंटर में गोलमेज सम्मेलन भी किया। जिसमें हिंदुस्तान के प्रधान संपादक शशि शेखर, दिल्ली प्रेस के ग्रुप एडिटर-इन-चीफ़ परेश नाथ, आउटलुक ग्रुप के प्रकाशक एवं प्रेसिडेंट महेश्वर पेरी, दैनिक भास्कर के समूह संपादक श्रवण गर्ग, भारती एयरटेल के मीडिया प्रमुख अरुण शर्मा, जेनिथ-ऑप्टीमीडिया के सीईओ सत्यजीत सेन, एनडीटीवी इंडिया के प्रबंध संपादक अनिंदो चक्रवर्ती तथा एनडीटीवी इंडिया के सीईओ समीर कपूर ने हिस्सा लिया।
उस मौके पर शशि शेखर ने कहा कि “समाचार4मीडिया से हमें काफी उम्मींदे हैं। 1828 के आसपास जो भी अखबार निकले, वे सारे आज के ब्लॉग की तरह थे। तब अखबार भी अभद्र भाषा से शुरू हो कर अभद्र भाषा पर खत्म हो जाते थे। भारत का पहला समाचारपत्र हिक्की गजट भी एक अंग्रेज ने तत्कालीन गवर्नर वारेन हेस्टिंग्स से नाराज होकर निकाला था। उस अखबार का उद्देश्य जनता को शिक्षित-सूचित करना नहीं था। आज अभी ब्लॉग उसी दौर से गुजर रहे है। कुछ ब्लॉग जो अभी चल रहे हैं उनकी भाषा में सिर्फ गालियों का ही इस्तेमाल होता है। समय के साथ उनमें बदलाव आएगा। समाचार4मीडिया इस परिवर्तन का नेतृत्व करेगा।”
जाहिर है, समाचार4मीडिया से हिंदी मीडिया के दिग्गजों को बहुत उम्मीद है। ई4एम समूह के सीईओ का कहना है कि उनकी टीम इन उम्मीदों पर ख़रा उतरने की पूरी कोशिश करेगी। आप भी अब हिंदी मीडिया की हलचलों को जानने के लिए समाचार4मीडिया पर जा सकते हैं। (ब्यूरो रिपोर्ट)
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