गूगल को चीन का करारा जवाब

लेखक: जनतंत्र डेस्क  |  January 15, 2010  |  देश-दुनिया   |   Comments Off

गूगल की धमकी पर बढ़ा बवाल
चीन ने सर्च इंजन गूगल की धमकी का जवाब दे दिया है। चीन ने कहा है कि चीन ने कहा है कि वह कारोबार को बढ़ावा देता है लेकिन चीन में कारोबार करने वाली विदेशी कंपनियों को वहां के कानून मानने ही होंगे। किसी भी विदेशी कंपनी को मनमानी की छूट नहीं जी सकती है।
दो दिन पहले गूगल ने चीन से बाहर निकलने की धमकी दी। गूगल के मुताबिक उसके ग्राहकों के ई-मेल हैक किए जा रहे हैं। ऐसी एक दो नहीं बल्कि दर्जनों शिकायतें हैं जिनमें मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के व्यक्तिगत ई-मेल हैक किए गए और फिर गोपनीय दस्तावेज चुराए गए। यह सब चीन सरकार के इशारे पर हो रहा है ऐसे में या तो चीन हैकिंग को रोकने के लिए कोई ठोस उपाय करे या फिर वो चीन से बाहर चला जाएगा।
अब चीन के जवाब से यह माना जा रहा है कि टकराव और बढ़ सकता है। यह भी आशंका जताई जा रही है कि अगर गूगल ने कारोबार समेटा तो इसके काफी नकारात्मक नतीजे होंगे। कुछ जानकार तो यहां तक कह रहे हैं कि चीनी सरकार गूगल के सारे पर प्रतिबंध लगा सकती है।
हाल के दिनों में चीन में गूगल का कारोबार काफी बढ़ा है। बीते छह महीने में उसके सर्च इंजन ने वहां के नंबर वन सर्च इंजन बाइदू को काफी कड़ी चुनौती दी है। कुछ आंकड़ों के मुताबिक अब चीन के सर्च कारोबार में गूगल की हिस्सेदारी 43 फीसदी हो गई है। जबकि बाइदू की हिस्सेदारी 56 फीसदी के करीब है। अगर ऐसा है और गूगल चीन से बाहर हटता है तो इससे वहां के करोड़ों लोगों को निराशा

चीन ने सर्च इंजन गूगल की धमकी का जवाब दे दिया है। चीन ने कहा है कि चीन ने कहा है कि वह कारोबार को बढ़ावा देता है लेकिन चीन में कारोबार करने वाली विदेशी कंपनियों को वहां के कानून मानने ही होंगे। किसी भी विदेशी कंपनी को मनमानी की छूट नहीं जी सकती है।

दो दिन पहले गूगल ने चीन से बाहर निकलने की धमकी दी। गूगल के मुताबिक उसके ग्राहकों के ई-मेल हैक किए जा रहे हैं। ऐसी एक दो नहीं बल्कि दर्जनों शिकायतें हैं जिनमें मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के व्यक्तिगत ई-मेल हैक किए गए और फिर गोपनीय दस्तावेज चुराए गए। यह सब चीन सरकार के इशारे पर हो रहा है ऐसे में या तो चीन हैकिंग को रोकने के लिए कोई ठोस उपाय करे या फिर वो चीन से बाहर चला जाएगा।

अब चीन के जवाब से यह माना जा रहा है कि टकराव और बढ़ सकता है। यह भी आशंका जताई जा रही है कि अगर गूगल ने कारोबार समेटा तो इसके काफी नकारात्मक नतीजे होंगे। कुछ जानकार तो यहां तक कह रहे हैं कि चीनी सरकार गूगल के सारे पर प्रतिबंध लगा सकती है।

हाल के दिनों में चीन में गूगल का कारोबार काफी बढ़ा है। बीते छह महीने में उसके सर्च इंजन ने वहां के नंबर वन सर्च इंजन बाइदू को काफी कड़ी चुनौती दी है। कुछ आंकड़ों के मुताबिक अब चीन के सर्च कारोबार में गूगल की हिस्सेदारी 43 फीसदी हो गई है। जबकि बाइदू की हिस्सेदारी 56 फीसदी के करीब है। अगर ऐसा है और गूगल चीन से बाहर हटता है तो इससे वहां के करोड़ों लोगों को निराशा होगी।

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