गूगल लगाएगा मुफ़्त ख़बर पर लगाम
लेखक: अनवर जमाल अशरफ़ | December 2, 2009 | देश-दुनिया | Comments Off
इंटरनेट पर गूगल की चौपाल बंद होने वाली है. मुफ़्त में कहीं भी, कितनी भी ऑनलाइन ख़बरें पढ़ने के आदी हो चुके लोगों के लिए मुश्किल खड़ी होने वाली है. मीडिया हाउसों के दबाव के बाद गूगल यूज़र के लिए समाचारों को सीमित करेगा.
गूगल ने बताया कि जल्दी ही ऐसी व्यवस्था क़ायम की जाएगी, जिससे इंटरनेट यूज़र ऑनलाइन बेहिसाब ख़बरें नहीं पढ़ पाएगा. उन्हें कुछ सीमित रिपोर्टें पढ़ने का मौक़ा मिल सकेगा. लेकिन इसके बाद उन्हें प्रकाशकों के वेबसाइट पर रजिस्टर करना होगा या फिर इसकी फ़ीस देनी होगी.
कई मीडिया कंपनियों का आरोप था गूगल उनकी ख़बरें मुफ़्त में लोगों में बांट रहा है और इससे अपना फ़ायदा कर रहा है. गूगल डॉट कॉम के राजस्व का 95 फ़ीसदी से ज़्यादा हिस्सा विज्ञापनों की कमाई से आता है.
गूगल ने अब ऐसी व्यवस्था शुरू करने की योजना बनाई है, जिसे उसने फ़र्स्ट क्लिक का नाम दिया है. इसके अनुसार कोई भी इंटरनेट यूज़र गूगल न्यूज़ पर किसी दूसरी मीडिया वेबसाइट के पांच समाचार मुफ़्त में पढ़ सकेगा लेकिन इसके बाद उसे या तो रजिस्टर कराना होगा या फिर इसकी फ़ीस भरनी होगी. अब तक कोई भी इंटरनेट यूज़र गूगल न्यूज़ के ज़रिए किसी भी संख्या में ख़बरें पढ़ सकता है.
गूगल का कहना है कि नए नियम के बाद मीडिया कंपनियां गंभीर पाठकों को भी पहचान सकेंगी, जो सिर्फ़ टाइम पास करने के लिए ख़बरों पर क्लिक नहीं करते हैं. हालांकि इसके बाद समस्या ऑनलाइन पेमेंट की हो सकती है. इंटरनेट यूज़र को इसके लिए किसी ख़ास कंपनी के वेबसाइट पर जाना होगा और उन्हें गूगल से बाहर निकलना पड़ेगा.
बताया जाता है कि स्टार और स्काई न्यूज़ के मालिक रुपर्ट मर्डोक मुफ़्त समाचार से नाराज़ थे और वह अपनी सारी ख़बरें गूगल से हटा कर माइक्रोसॉफ़्ट के ज़रिए इंटरनेट पर डालना चाह रहे थे. अमेरिका की वॉल स्ट्रीट जरनल और इंग्लैंड की टाइम्स और संडे टाइम्स जैसे अख़बारों ने इंटरनेट पर मुफ़्त समाचार देने बंद कर दिए हैं. कुछ और समाचार संस्थाएं ‘पैसे के बदले ख़बर’ नियम लागू करना चाहते हैं.
हालांकि गूगल इस फ़ैसले से बहुत ज़्यादा ख़ुश नहीं है. मुफ़्त ख़बरें नहीं मिलने की वजह से उस पर क्लिक कम होंगे. इंटरनेट पर कामयाबी का नुस्ख़ा किसी वेबसाइट पर होने वाली क्लिक से नापा जाता है. गूगल दुनिया की पहले नंबर की वेबसाइट है और हर रोज़ उस पर कई करोड़ क्लिक होते हैं. दूसरे नंबर पर फ़ेसबुक और तीसरे पर याहू है. माइक्रोसॉफ़्ट नौवें नंबर पर है. ((डॉयचे वेले से साभार))
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