एनडीटीवी लाइफस्टाइल के बाद अब इमैजिन बेचने की तैयारी
लेखक: जनतंत्र डेस्क | November 28, 2009 | स्पेशल रिपोर्ट | 1 Comment
इंडियन एक्सप्रेस की यह ख़बर सही निकलती है तो एनडीटीवी के प्रमोटर अब एनडीटीवी इमैजिन को बेचने की तैयारी में जुटे हैं। करीब डेढ़ साल पहले यह चैनल बड़े तामझाम के साथ शुरू हुआ था। लेकिन कंपनी की माली हालत इतनी ख़राब है कि अब वह इस सफेद हाथी को ज्यादा दिनों तक नहीं पाल सकती। आर्थिक संकट से उबरने के लिए एक हफ़्ते पहले ही एनडीटीवी ने अपना लाइफस्टाइल चैनल एनडीटीवी गुडटाइम्स के 69 फीसदी शेयर एक विदेशी कंपनी स्क्रिप्स को बेच दिए थे।
रिपोर्ट के मुताबिक एनडीटीवी इमैजिन के सौदे के लिए टर्नर ब्रॉडकास्टिंग (टाइम वार्नर से बातचीत अंतिम चरण में है। इस सौदे से जुड़े दो करीबी लोगों ने बताया है कि एनडीटीवी अपनी पूरी हिस्सेदारी करीब 75-80 फीसदी टर्नर ब्रॉडकास्टर्स को बेच सकती है। करीब 7 करोड़ डॉलर यानी 322 करोड़ रुपये में यह सौदा हो सकता है। बाकी शेयर एनडीटीवी इमैजिन के सीईओ समीर नायर समेत कुछ कर्मचारियों और धर्मा प्रोडक्शन के मालिक करण जौहर के पास हैं। सूत्रों के मुताबिक अगर टर्नर चाहे तो वो उन लोगों से बात करके उनकी हिस्सेदारी भी खरीद सकता है।
हालांकि ख़बर में ना तो एनडीटीवी और ना ही टर्नर की तरफ से कोई आधिकारिक बयान दिया गया है। लेकिन इस सौदे की चर्चा काफी पहले से चल रही थी।
रिपोर्ट में बताया गया है कि टर्नर इंटरनेल इंडिया की कोशिश भारतीय बाज़ार में पैर जमाने की है। इसके चार चैनल कार्टून नेटवर्क, पोगो, एचबीओ और डब्ल्यू बी पहले से भी भारतीय दर्शकों के बीच हैं। अब उसकी नज़र जनरल हिंदी मनोरंजन चैनलों (जीईसी) पर है। पूरे मीडिया इंडस्ट्री के विज्ञापनों में से 25 फीसदी विज्ञापन इसी सेक्टर को मिलते हैं। करीब आठ से साढ़े आठ हज़ार करोड़ रुपये के विज्ञापन।
इसी साल मार्च में कंपनी ने सीईसी स्पेस में दाखिल होने के लिए अल्वा ब्रदर्स के साथ मिल कर रीयल चैनल लॉन्च किया था। हालांकि रीयल कामयाबी का कोई परचम नहीं लहरा सका। और एक हफ़्ते पहले इसने फ्रेश प्रोग्रामिंग बंद कर दी है।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि 21 नवंबर को ख़त्म हुए हफ़्ते में 330 जीआरपी के साथ पहले पायदान पर कलर्स है। दूसरे पायदान पर जी टीवी (265 जीआरपी) और तीसरे स्थान पर स्टार प्लस (255 जीआरपी) है। जबकि 115 जीआरपी के साथ एनडीटीवी इमैजिन पांचवे स्थान पर है। जानकारों के मुताबिक एनडीटीवी इमैजिन के आगे बढ़ने की संभावना है, लेकिन उसके लिए काफी खर्चा करना पड़ेगा। और अब एनडीटीवी की स्थिति ऐसी नहीं कि एनडीटीवी इमैजिन का भार झेल सके।
ख़बर के मुताबिक इस सौदे की जानकारी अगले कुछ दिनों.. हफ़्तों में सार्वजनिक की जा सकती है। इससे पहले एनडीटीवी ने एनडीटीवी लाइफस्टाइल लिमिटेड में 69 फीसदी हिस्सेदारी 5.5 करोड़ डॉलर यानी करीब 253 करोड़ रुपये में बेच दी है। एनडीटीवी इमैजिन और लाइफस्टाइल दोनों एनडीटीवी नेटवर्क के हिस्से थे। और इस कंपनी के 26 फीसदी शेयर एनबीसी यूनिवर्सल के पास थे। एनबीसी ने ये शेयर पिछले साल मई में 15 करोड़ डॉलर (करीब 639 करोड़ रुपये – तब की कीमत के हिसाब से) में खरीदे थे। लेकिन कुछ दिन पहले ही एनबीसी ने 2.5 करोड़ डॉलर (रिपोर्ट में बताई गई रकम) में अपने वो शेयर एनडीटीवी को वापस बेच कर इससे पीछा छुड़ाया।
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