अमर उजाला विवाद ख़तरनाक मोड़ पर

लेखक: जनतंत्र डेस्क  |  November 25, 2009  |  स्पेशल रिपोर्ट   |   Comments Off

अमर उजाला को लेकर चल रहा झगड़ा अब ख़तरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। इस मामले में कंपनी लॉ बोर्ड के एक्टिंग चीफ और सदस्य आर वासुदेवन को गिरफ़्तार कर लिया गया है। ख़बरों के मुताबिक उन पर एक पक्ष के हक़ में फैसला देने के लिए घूस मांगने और लेने के आरोप है।  सीबीआई ने छापा मार कर रुपये के बैग के साथ वासुदेवन को गिरफ़्तार किया है। यह छापा दक्षिणी दिल्ली के हुडको पैलेस में उनके घर पर मारा गया था। इसी मामले में एक कंपनी सेक्रेटरी मनोज बंथिया को रिश्वत देने के अरोप में गिरफ़्तार किया गया है। गिरफ़्तारी के बाद दोनों को अदालत में पेश किया गया, जहां जज ने उन्हें छह दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।

सीबीआई ने अदालत में बताया कि छापे में वासुदेवन के घर से उसे करीब 55 लाख रुपये मिले हैं। इनमें सात लाख रुपये वो हैं जो अमर उजाला विवाद में फैसला लिखवाने के लिए दिए गए थे। एक न्यायिक अधिकारी के घर पर इतनी बड़ी रकम मिलने से कई सवाल उठते हैं। सीबीआई ने यह भी बताया कि कंपनी सेक्रेटरी मनोज बंथिया के कमरे से करीब तीन लाख रुपये बरामद हुए हैं। इस मामले की तह तक जाने के लिए सीबीआई ने दोनों को रिमांड पर मांगा।

वासुदेवन के वकील ने इसका विरोध किया। उन्होंने कहा कि जब तक किसी का अपराध साबित नहीं हो उस पर तोहमत मढ़ना ठीक नहीं। उन्होंने यह भी कहा कि सीबीआई को जो चाहिए था वो छापे में मिल गया है, ऐसे में वासुदेवन को रिमांड पर भेजने की कोई जरूरत नहीं है। लेकिन अदालत ने वासुदेवन के वकील की दलील खारिज कर दी और उन्हें छह दिन की रिमांड पर भेज दिया।

सीबीआई ने इस मामले में वकील अंकुर चावला को भी आरोपी बनाया है। इन तीनों के ख़िलाफ़ आपराधिक साज़िश के साथ भ्रष्टाचार विरोधी कानून की कई धाराओं के तहत मुकदमे दर्ज किए गए हैं। यही नहीं सीबीआई ने इसी मामले में दिल्ली, चेन्नई और कोलकाता में करीब सात जगहों पर छापे मारे हैं।

सीबीआई की वेबसाइट पर मौजूद प्रेस विज्ञप्ति

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