… ताकि लक्ष्मण रेखा के भीतर रहें न्यूज़ चैनल
लेखक: जनतंत्र डेस्क | August 10, 2009 | देश-दुनिया, बड़ी ख़बर | Comments Off

केरल के पलक्कड में प्रेस काउंसिल के अध्यक्ष जस्टिस जी एन रे ने कहा है कि इलैक्ट्रॉनिक मीडिया की समीक्षा के लिए एक मीडिया आयोग का गठन ज़रूरी हो गया है। मुंबई में हुए आतंकी हमलों के दौरान न्यूज चैनलों की कवरेज का हवाला देकर जस्टिस जी एन रे ने कहा कि ये सुनिश्चित करना चाहिए कि न्यूज चैनल लक्ष्मण रेखा पार नहीं करें। उन्होंने कहा कि सरकार चाहे तो ख़बरिया चैनलों को भी प्रेस काउंसिल के दायरे में ला सकती है।
जी एन रे ने अख़बारों को भी गुमराह होने से रोकने के लिए प्रेस काउंसिल एक्ट में संशोधन की ज़रूरत पर बल दिया। उन्होंने कहा कि ये एक्ट 22 साल पुराना है और अब हालात काफी बदल चुके हैं। इसलिए इसमें संशोधन होना चाहिए। उनके मुताबिक अगर कोई अख़बार दिशानिर्देशों का पालन नहीं करे तो प्रेस काउंसिल को ये हक़ होना चाहिए कि वो उसका सरकारी विज्ञापन तीन महीने के लिए रोक सके। जस्टिस जी एन रे ने सबसे ज़्यादा चिंता चुनाव के दौरान पैसे लेकर ख़बर बनाने और विज्ञापनों को ख़बरों के तौर पर छापने पर जताई। उन्होंने कहा कि कमाई के चक्कर में लगता है कि लोग पत्रकारिता के आदर्श भूल गए हैं।
प्रेस काउंसिल के अध्यक्ष ने यह भी कहा कि पैसे लेकर ख़बर छापने के चलन से झूठ को सच के तौर पर पेश किया जा रहा है। इससे लोगों को ग़लत जानकारियां मिलती है। ये बहुत ख़तरनाक चलन है और इस पर रोक लगनी चाहिए। हालांकि उन्होंने यह भी कहा है कि वो प्रेस की आज़ादी पर अंकुश लगाने के ख़िलाफ़ हैं।
इन्हें भी पढ़ें:
- एक्सप्रेस समूह और द हिंदू के संपादक एन राम में दो-दो हाथ - March 27th, 2010
- चोरों ने की थी सत्येंद्र दुबे की हत्या, तीन दोषी करार - March 22nd, 2010
- प्रेस क्लब में पुष्पेंद्र-परवेज पर तानाशाही का आरोप - February 27th, 2010
- सचिन के रंग में रंगे सभी अख़बार - February 25th, 2010
- सचिन के नाम पर न्यूज़ चैनलों के इस जश्न में शामिल हों - February 24th, 2010




