पुष्पेंद्र से इस्तीफ़े की मांग, क्लब में घोटाले का आरोप

लेखक: Samrendra  |  June 30, 2009  |  बड़ी ख़बर, स्पेशल रिपोर्ट   |   Comments Off

((प्रेस क्लब का पांच साल से ऑडिट नहीं हुआ है। मौजूदा कमेटी पर बड़े घोटाले का आरोप। ट्रेजरार के मुताबिक लेन-देन के दस्तावेज़ पर उनके दस्तख़त नहीं। कच्ची पर्चियों पर बड़े-बड़े पेमेंट का आरोप। नए सदस्य बनाने में धांधली का आरोप। क्लब के कई पूराने और वरिष्ठ सदस्यों ने बीते तीन साल के कामकाज पर श्वेतपत्र जारी करने की मांग की है। उन्होंने मौजूदा कमेटी को भंग करके घोटाले की जांच की मांग की है। उनका ये भी कहना है कि किस हक़ से जनरल सेक्रेटरी क्लब को निजी हाथों में सौंप रहे हैं। आरोप बड़े हैं और उनके जवाब में जनरल सेक्रेटरी का क्या कहना है … ये सब इस रिपोर्ट में।))

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घुसपैठ के बाद दिल्ली के प्रेस क्लब में पुलिस

लेखक: जनतंत्र डेस्क  |  June 30, 2009  |  बड़ी ख़बर, स्पेशल रिपोर्ट   |   Comments Off

दिल्ली में प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में इन दिनों जो कुछ हो रहा है वैसा क्लब के इतिहास में कभी नहीं हुआ। रविवार की घटना से आप प्रेस क्लब की हालत का अंदाजा लगा सकते हैं। साथ ही मीडिया के एक खराब पहलू को भी जान और समझ सकते हैं। ये भी कि पत्रकारिता के इस पवित्र पेशे में किस हद तक सड़ांध हो गई है। जो बेहद छोटे लाभ के लिए गुणा-गणित में जुटे हों वो समाज और देश के बारे में कैसे सोचेंगे।

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ईरान में पत्रकारों पर कहर

लेखक: जनतंत्र डेस्क  |  June 29, 2009  |  देश-दुनिया   |   Comments Off

ईरान में मीडिया पर नकेल कसी जा रही है। ख़बरों के मुताबिक अब तक 33 से ज़्यादा पत्रकारों को गिरफ़्तार कर जेल में बंद कर दिया गया है।  इस वक़्त दुनिया के किसी भी देश में इतनी बड़ी संख्या में पत्रकार जेल में नहीं हैं। इनमें से ज़्यादातर को 14 जून के बाद गिरफ़्तार किया गया है। चुनाव नतीजों के सामने आने के बाद उसी दिन से ईरान में मुसावी समर्थकों का विरोध प्रदर्शन जारी है।

अहमदीनेजाद सरकार विरोध की आग पर काबू पाने के लिए मुसावी समर्थकों को गिरफ़्तार कर रही है। उसी के तहत उसने मुसावी की अख़बार के सभी कर्मचारियों को गिरफ़्तार कर लिया। यही नहीं कई और मीडिया संस्थानों के पत्रकारों को गिरफ़्तार किया गया है और कई को ईरान से बाहर जाने का आदेश दिया गया है। मीडिया पर इस सख़्ती की पूरी दुनिया में आलोचना हो रही है। हालांकि ये भी कहा जा रहा है कि अमेरिका और कई यूरोपीय देश ईरान में चल रहे विरोध प्रदर्शनों का समर्थन कर रहे हैं, बावजूद इसके बोलने की आज़ादी को क्रूर तरीके से ख़त्म करने की किसी भी कोशिश का समर्थन नहीं किया जा सकता।

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न्यूज़ एक्स में क़त्लेआम

न्यूज़ एक्स में बड़े पैमाने पर छंटनी कर दी गई है। छंटनी की प्रक्रिया शनिवार को शुरू हुई और अभी तक की रिपोर्ट के मुताबिक 48 लोगों को पिंक स्लिप पकड़ाया जा चुका है। आज भी कई लोगों को चिट्ठियां बांटी गई हैं और सूत्रों के मुताबिक कुल मिला कर 70 से ज़्यादा लोगों को हटाया जाना है।

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पीएम की मस्ती, पीएम का मीडिया

लेखक: जनतंत्र डेस्क  |  June 29, 2009  |  बड़ी ख़बर, स्पेशल रिपोर्ट   |   Comments Off

भारत ही नहीं पूरी दुनिया में मीडिया को मैनुपुलेट किया जाता है। मीडिया चाहे तो किसी नायक को एक पल में खलनायक बना दे और किसी खलनायक को नायक। इटली में भी इन दिनों कुछ ऐसा ही देखने को मिल रहा है। वहां के प्रधानमंत्री बार्लुस्कोनी सेक्स स्कैंडल में फंसे हैं। विरोधी पार्टियां जांच के लिए दबाव डाल रही हैं तो दूसरी तरफ बार्लुस्कोनी अपने न्यूज़ चैनलों की मदद से बचाव में जुटे हैं। इससे पहले भी बार्लुस्कोनी कई बार संगीन आरोपों में फंस चुके हैं, लेकिन हर बार मीडिया के इस्तेमाल और अपनी चतुराई से वो बचते रहे हैं। यूरोप से पूरा ब्योरा दे रहे हैं साथी पत्रकार अनवर जे अशरफ़।

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22 नए चैनलों को मंज़ूरी

लेखक: जनतंत्र डेस्क  |  June 28, 2009  |  पहरेदार   |   Comments Off

सरकार ने 22 नए टीवी चैनलों को मंज़ूरी दे दी है। इनमें समाचार और मनोरंजन से जुड़े चैनल भी शामिल हैं। ये फैसला सूचना-प्रसारण मंत्री अंबिका सोनी की मौजूदगी में लिया गया। उसके बाद जारी एक बयान में कहा गया कि उन सभी चैनलों को मंजूरी दे दी गई है जिन्होंने सभी शर्तें पूरी कर दी हैं।

22 चैनलों की इस सूची में फॉक्स चैनल (इंडिया) लिमिटेड के चार चैनल भी हैं। ये चारों चैनल हैं नेशनल जियोग्राफिक (एचडी), नैट जियो वाइल्ड, नैट जियो एडवेंचर और नैट जियो म्यूजिक। सीएनबीसी टीवी 18 साउथ और सीएनबीसी टीवी 18 गुजरात समेत टीवी 18 ग्रुप के तीन चैनलों को भी मंजूरी मिल गई है। इनके अलावा आवाम समाज, मुंबई न्यूज़, दिल्ली न्यूज़, अपना न्यूज़, फ्रेश टीवी और सिटी प्लस को भी हरी झंडी दिखा दी गई है।

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“एसपी को खरीदने की हैसियत किसी में नहीं थी”

लेखक: जनतंत्र डेस्क  |  June 28, 2009  |  देश-दुनिया, बड़ी ख़बर   |   Comments Off

दिल्ली के प्रेस क्लब में एसपी सिंह को याद किया गया। इस मौके पर बड़ी संख्या में पत्रकार जुटे। कुछ उनके दोस्त। कुछ उनके साथ काम कर चुके पत्रकार जो आज अहम ओहदों पर हैं। कुछ युवा पत्रकार जो इस पेशे में चंद कदम ही चले हैं। कुछ ऐसे भी जिन्हें अभी पहला कदम रखना है। सबने एसपी सिंह के बहाने पत्रकारिता के मौजूदा माहौल पर चर्चा की। Read more

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एसपी सिंह के बहाने एक सवाल

लेखक: जनतंत्र डेस्क  |  June 27, 2009  |  बड़ी ख़बर, हक़ की आवाज़   |   Comments Off


एसपी सिंह की पुण्यतिथि पर जनतंत्र की अपील पर एक साथी ने चिट्ठी भेजी है। उन्हें मैं अच्छी तरह जानता हूं। वो किसी ऐसे ओहदे पर नहीं हैं जहां से कोई परिवर्तन ला सकें। ज़िंदगी संघर्ष करते ही गुजर रही है। लेकिन मैं ये भी जानता हूं कि हममें से ज़्यादातर लोगों की तरह वो भी समझौतावादी पत्रकारिता से आहत हैं। शायद हमारी ही तरह इस पेशे में कदम रखते वक़्त उन्होंने ने भी ये नहीं सोचा होगा कि सच बोलना इतना मुश्किल हो जाएगा। इसलिए उन्होंने अपने ख़त में एसपी सिंह से जुड़े तमाम लोगों से पूछा है कि वो बेचैनी क्यों ख़त्म हो गई जो एक आज़ाद ख़्याल व्यवस्था और शख़्स के भीतर होनी चाहिए थी? और इसके लिए ज़िम्मेदार कौन हैं? आप भी ये ख़त पढ़िये और प्रतिक्रिया दीजिए।

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शैलेंद्र को श्रद्धांजलि

लेखक: जनतंत्र डेस्क  |  June 26, 2009  |  बड़ी ख़बर, हक़ की आवाज़   |   Comments Off

पत्रकार शैलेंद्र को दिल्ली के प्रेस क्लब में श्रद्धांजलि दी गई। बड़ी संख्या में पत्रकारों ने साथी शैलेंद्र के लिए दो मिनट का मौन रखा और उन्हें याद किया। इस मौके पर वक्ताओं ने शैलेंद्र की शख़्सियत के उन पहलुओं की ओर ध्यान खींचा जिनके बारे में सिर्फ़ वही जानते हैं जो उनके बेहद क़रीब थे। उन्होंने बताया कि कैसे शैलेंद्र पत्रकारों की इस भीड़ का हिस्सा होते हुए भी तमाम लोगों से अलग थे। Read more

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क्या मीडिया का काम सिर्फ़ उन्माद फैलाना है?

लेखक: Samrendra  |  June 26, 2009  |  बड़ी ख़बर, स्पेशल रिपोर्ट   |   Comments Off

दस दिन तक केंद्रीय गृह मंत्री पी चिदंबरम और पश्चिम बंगाल सरकार के सुर में सुर मिलाने के बाद अब अख़बारों का जोश भी ठंडा पड़ गया है। बीते दस दिनों में उन्होंने खूब उन्माद फैलाया। लालगढ़ में सैन्य कार्रवाई के समर्थन में जोरदार हवा बनाई। लगा कि उनकी ललकार सुनकर कोबरा फोर्स के जवान एक दिन के भीतर ही सारे माओवादियों का सफाया कर देंगे और लालगढ़ को उनके चंगुल से छुड़ा लेंगे। Read more

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